ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 की नई आवास योजना के अंतर्गत ईपीएफओ ने हुडको के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 की नई आवास योजना के अंतर्गत ईपीएफओ ने हुडको के
साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 की नई आवास योजना के अंतर्गत ईपीएफओ ने हुडको के
साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया *पत्र सूचना कार्यालय* *भारत सरकार* *श्रम
एवं रोजगार मंत्रालय* 22-जून-2017 18:28 IST *ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 की
नई आवास योजना के अंतर्गत ईपीएफओ ने हुडको के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर
किया* 2022 तक सभी के लिए अवास मिशन पूरा करने के लिए आज नई दिल्ली में
केन्द्रीय शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री एम वेंकैया
नायडू
और श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भंडारू
दत्तात्रेय की उपस्थित में केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त डॉ. वीपी जोय और
हुडको के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. एम रवी कांत ने सहमति ज्ञापन पर
हस्ताक्षर किये।
पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
22-जून-2017 18:28 IST

ईपीएफ और एमपी अधिनियम 1952 की नई आवास योजना के अंतर्गत ईपीएफओ ने हुडको के
साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया
2022 तक सभी के लिए अवास मिशन पूरा करने के लिए आज नई दिल्ली में केन्द्रीय
शहरी विकास, आवास तथा शहरी गरीबी उपशमन मंत्री श्री एम वेंकैया नायडू और
श्रमऔर रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भंडारू दत्तात्रेय की
उपस्थित में केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त डॉ. वीपी जोय और हुडको के अध्यक्ष
और प्रबंध निदेशक डॉ. एम रवी कांत ने सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
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2022 तक सभी के लिए आवास के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को हासिल
करने की दिशा में एक कदम आगे बढाते हुए ईपीएफओ ने 12 अप्रैल 2017 को बजट
अधिसूचना संख्या जीएसआर 351 (ई) के माध्यम से ईपीएफ योजना 1952 में संशोधन
किया। इस संशोधन में ईपीएफ सदस्यों को कुल एकत्रित भविष्य निधि राशि में से 90
प्रतिशत की निकासी की अनुमति देकर मकान लेने में सहायता प्रदान करने का
प्रावधान है। इस संशोधन से आवास ऋण किश्त के भुगतान में सहजता का प्रावधान है।
योजना का उद्देश्य उन कर्मियों के लिए मकान बनाने में सहायता देना है जो
केन्द्र और राज्य सरकारों के आवास कार्यों से जुड़े हैं।
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योजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं :

• श्रमिकों की आवास आवश्यकता प्रदान करने के लिए सभी हितधारकों यानी कामगारों,
कर्मचारियों, वित्तीय सस्थानों तथा आवास एजेंसियों को एक साथ लाना।
• सामूहिक कार्य के लिए हाउसिंग सोसायटी बनाना, 10 या उससे अधिक सदस्य एक
सोसायटी रजिस्टर करा सकते हैं। सोसायटी सार्वजनिक/ निजी आवास प्रदाताओं से
आवास ईकाईयों का प्रबंध करेगी, निधि और योगदान का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के
लिए सोसायटी के माध्यम से संबंधित पीएफ कार्यालय में आवेदन की व्यवस्था।
• श्रमिक वर्ग के लिए आवास बनाने के उद्देश्य से ईपीएफ बचत धन को सक्रिय करना,
सदस्य के भविष्य निधि धन के खाते में एकत्रित राशि की 90 प्रतिशत निकासी की
अनुमति।
• ईपीएफ योजना के पैरा 68 बीडी (3) के अंतर्गत बैंकों की निकासी में ईएमआई
निर्धारण के लिए बैंक / वित्तीय एजेंसियां आयुक्त द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र
का उपयोग कर सकती हैं।
• मासिक पीएफ अभिदान में से ऋण का पूरा / आंशिक पुनर्भुगतान का प्रावधान।
• ऐसी निकासी के लिए पात्रता शर्त में छूट/ अब ईपीएफ की सदस्यता अवधि 5 वर्ष
से घटाकर 3 वर्ष कर दी गई है।
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• प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्धारित राशि से कम वार्षिक आय वाले सदस्यों
के लिए आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय की नोडल एजेंसी हुडको तथा राष्ट्रीय
आवास बैंक के माध्यम से ऋण से जुड़ी सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) में20 लाख रूपये
तक ब्याज सब्सिडी लाभ।
• एजेंसी को सीधे तौर पर किश्त भुगतान करने के लिए व्यक्तिगत आवास ऋण
पुनर्भुगतान ईपीएफओ को अधिकृत करके किया जा सकता है।

Source: PIB

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