अनौपचारिक कामगारों हेतु लचीला पेंशन अंशदान — लोक सभा में वित्त राज्य मंत्री श्री संतोष कुमार गंगवार का बयान

अनौपचारिक कामगारों हेतु लचीला पेंशन अंशदान — लोक सभा में वित्त राज्य मंत्री श्री संतोष कुमार गंगवार का बयान

अनौपचारिक कामगारों हेतु लचीला पेंशन अंशदान — लोक सभा में वित्त राज्य मंत्री
श्री संतोष कुमार गंगवार का बयान 

Flexible Pension Contribution for Informal Workers

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भातर सरकार
वित्त मंत्रालय
वित्तीय सेवाएं विभाग

लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या 950
(जिसमा उत्तर 21 जुलाई, 2017/30 आषाढ़, 1939 (शक) को दिया जाना है½
अनौपचारिक कामगारों हेतु लचीला पेंशन अंशदान
950. श्री दिव्येन्दु अधिकारी:
क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगं कि:
(​क) क्या सरकार का विचार देश में अनौपचारिक कमागारों हेतु पेंशन के अंशदान को
लचीला बनाने का है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;
(ख) यदि नहीं, तो अनियमित आय वर्ग वाले लोगों विशेष रूप से देश की उन महिलाओं
जिनकी कोई स्थायी आय नहीं है,के लिए सरकार का कोई प्रस्ताव है; और
(ग) वयोवृद्ध महिलाओं के सशक्तिकरण के पेंशन प्रस्ताव पर पेंशन निधि विनियमाक
और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और सीआरआईएसआईएल की रिपोर्ट का ब्यौरा क्या
है?
उत्तर

वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री
(श्री संतोष कुमार गंगवार)
(क) और (ख): भारत सरकार ने मुख्यतया असंगठित क्षेत्र तथा अनौपचारिक कामगारों
को ध्यान में रखते हुए अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का शुभारंभ मई 2015 में किया
था। एपीवाई के अन्तर्गत अंशदाताओं को पंजीकरण 01 जून, 2015 को आरंभ हुआ था।
अटल पेंशन योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार हैं:—
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1. 18 से 40 वर्ष की आयु समूह के भारतीय नागरिक अपने बचत बैंक खाते अथवा डाक
घर बचत बैंक खाते के माध्यम से एपीवाई से जुड़ने के लिए पात्र हैं।
2. एपीवाई 60 वर्ष की आयु होने पर अभिदाता द्वारा चुनी गई पेंशन राशि के आधार
पर प्रतिमाह 1,000/— रूपये या 2,000/— रूपये या 3,000/— रूपये या 4,000/—
रूपये या 5,000/— रूपये की गारंटीशुदा न्यूनतम पेंशन प्रदान करने के लिए
परिभाषित लाभ पर आधरित है।
3. 5 वर्ष की एक अवधि के लिए अर्थात् वित्तीय वर्ष 2015—16 से 2019—20 तक,
केन्द्र सरकार सभी पात्र अभिदाताओं, जो 31 मार्च, 2016 से पहले एपीवाई में
जुड़े हैं और जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के सदस्य नहीं हैं और
जो आय करदाता नहीं हैं, को 1,000/— रूपये प्रतिवर्ष या कुल अंशदान का 50
प्रतिशत सह—अंशदान, जो भी कम हो, भी करती है।
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4. अभिदाता की असामयिक मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पूर्व मृत्यु) होने के मामले
में अभिदाता के पति/पत्नी को एपीवाई खाते में वह शेष निवेश अवधि, जब मूल
अभिदाता 60 वर्ष की आयु पूरी करेगा, अंशदान चालू रखने का विकल्प दिया गया है।
5. अभिदाता तथा उसके पति/पत्नी दोनों की मृत्यु के मामले में समस्त पेंशन निधि
अभिदाता के नामिती को वापस कर दी जाएगी।
6. यदि अभिदान के आधार पर संचित कार्पस पर अनुमानित रिटर्न की तुलना कम अर्जित
हुई है और न्यूनतम गारंटीशुदा पेंशन प्रदान करने के लिए अपर्याप्त है तो
केन्द्र सरकार उक्त ऐसी राशि की भरपाई करेगी। विकल्पतया, यदि जमा अवधि के
दौरान वास्तविक रिटर्न न्यूनतम गारंटीशुदा पेंशन के लिए अनुमानित रिटर्न से
अधिक है तो ऐसी अधिक राशि अभिदाता को प्रदान की जाएगी।
मौसमी अथवा अनियमित आय अर्जित करने वाले अभिदाताओं की भागीदारी को सुकर बनाने
के उद्देश्य से योजना के अन्तर्गत अभिदाताओं को मासिक भुगतान की सुविधा के
अलावा, तिमाही और अर्ध—वार्षिक भुगतान की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, अंशदान
के भुगतान में चूक होने की स्थिति में, अभिदाता गारंटीशुदा पेंशन प्राप्त करने
के लिए न्यूनतम प्रभार के साथ देय राशि का भुगतान करके खाते को नियमित करा
सकता है।
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(ग): पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने सूचित किया है कि
‘भारत के वृद्ध नागरिकों के लिए वित्तीय सुरक्षा’ पर पीएफआरडीए और
सीआरआईएसआईएल की रिपोर्ट में, अन्य बातों के साथ—साथ, मुख्य रूप से महिलाओं के
लिए एक पेंशन पॉलिसी तैयार करने का उल्लेख किया गया है जहां अंशदान महिलाओं के
परिवारों द्वारा किया जा सकता है। पेंशन के रूप में जमा बचत के लिए कुछ कर
राहत का उल्लेख भी किया गया है।
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