असंगठित क्षेत्र के लिए वेतन आयोग / Pay Commission for Unorganised Sectors

असंगठित क्षेत्र के लिए वेतन आयोग / Pay Commission for Unorganised Sectors

असंगठित क्षेत्र के लिए वेतन आयोग
/ Pay Commission for Unorganised Sectors
** Government of India, Ministry of Labour & Employment ** Lok Sabha ** unstarred question No. 1352 ** Pay Commission for unorganized sector ** 1352. Shri Mallikarjun Kharge ** will the minister of Labour and Employment be pleased to state :
pay commission for unorganized sector

GOVERNMENT OF INDIA

MINISTRY OF LABOUR AND EMPLOYMENT 
LOK SABHA 
UNSTARRED QUESTION NO. 1352 

TO BE ANSWERED ON 24.07.2017
PAY COMMISSION FOR UNORGANISED SECTOR
 
1352. SHRI MALLIKARJUN KHARGE: 
Will the Minister of LABOUR AND EMPLOYMENT be pleased to state: 
(a)whether the Government reviews the working conditions and pay scales of
the workers working in unorganized sector by appointing commissions at
regular intervals on the lines of employees of the Central Government; 
(b)if so, the details thereof; 
(c)if not, whether the Government has any such proposal in this regard at
present; and 
(d)if so, the details thereof along with the time by which final decision
is likely to be taken in this regard? 

ANSWER
 
MINISTER OF STATE (IC) FOR LABOUR AND EMPLOYMENT

(SHRI BANDARU DATTATREYA)
 
(a) to (d): The Minimum Wages Act, 1948, provides for fixation/periodic
revision of minimum wages in employment to prevent exploitation of workers.
Under the Act, the appropriate Government, both the Centre and the States,
fixes/revises the minimum wages in scheduled employments falling in their
respective jurisdiction. This Act provides for fixation of hours of work,
payment of overtime wages besides providing penalties for offences under
the Act and the Rules made there under. 
*******************

भारत सरकार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
लोक सभा
अतारांकित प्रश्न संख्या : 1352
सोमवार, 24 जुलाई, 2017 / 2 श्रावण, 1939 (शक)
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असंगठित क्षेत्र के लिए वेतन आयोग

1352. श्री मल्लिकार्जुन खड़गे:

क्या श्रम और रोजगार मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) क्या सरकार केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर, असंगठित क्षेत्र में
कार्यरत् मजदूरों के लिए भी नियमित अंतराल पर आयोग का गठन करके उनकी
कार्यदशाओं और वेतनमान की समीक्षा करती है;

(ख) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;

(ग) यदि नहीं, तो क्या सरकार के पास इस संबंध में वर्तमान में ऐसा कोई
प्रस्ताव है; और

(घ) यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या हैं तथा इस संबंध में अंतिम निर्णय कब
तक लिए जाने की संभावना है?

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उत्तर

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
(श्री बंडारू दत्तात्रेय)

(क) से (घ): न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 में कामगारों के शोषण को रोकने हेतु
नियोजन में न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण/आवधिक पुनरीक्षण का प्रावधान है। इस
अधिनियम के अन्तर्गत, समुचित सरकार केन्द्र और राज्यों दोनों ही अपने—अपने
क्षेत्राधिकार में अधिसूचित नियोजनों में न्यूनतम मजदूरी तय/परिशोधित करती है।
इस अधिनियम में, इस अधिनियम तथा उसके अंतर्गत बनाई गई नियमावली के अंतर्गत,
अपराधों के लिए दंड के प्रावधान के अलावा कार्यघंटे तक करने, समयोपरि मजदूरी
के भुगतान का भी प्रावधान है।

स्रोत : लोक सभा   हिंदी / अंग्रे़जी

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