7वां वेतन आयोग : परिवहन भत्ते के दर में संशोधन, जानें किसे ​कितना फायदा होगा

7वां वेतन आयोग : परिवहन भत्ते के दर में संशोधन, जानें किसे ​कितना फायदा होगा


सरकार ने लेवल 1 एवं 2 के वैसे कर्मचारियों जिनका वेतन 6 वेतन आयोग में
पी.बी—1 में 1800 एवं 1900 ग्रेड पे में 7440 या इससे अधिक था, के ​परिवहन
भत्ते में विसंगति के मामले को संज्ञान में लेते हुए वित्त मंत्रालय के
कार्यालय ज्ञापन दिनांक 7 जुलाई 2017 में संशोधन की मंजूरी दी।

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6ठे वेतन आयोग के पे बैंड पी.बी.—1 के बैंड पे 7440 या अधिक पाने वाले
कर्मचारियों के 7 वें वेतन आयोग में परिवहन भत्ता का मामला सुलझा।

मैट्रिक्स स्तर 1 और 2 (संशोधन से पूर्व का ग्रेड पे 1800 और 1900 एवं बैंड पे
7440 या अधिक पाने वाले) कर्मचारियों के लिए 7वीं वेतन आयोग में परिवहन भत्ता
के मामले को सरकार ने सुलझा लिया है।

भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग ने परिवहन भत्ता में संशोधन हेतु
कार्यालय ज्ञापन संख्या 21/5/2017-E.II(B) दिनांक 2 अगस्त 2017 के तहत् एक
महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। केंद्र सरकार के कर्मचारी जो वेतन लेवल 1 और 2 में
मूलवेतन 24200 या उससे अधिक प्राप्त कर रहे हैं, वे भातर सरकार, वित्त
मंत्रालय, व्यय विभाग के कार्यालय ज्ञापन संख्या 21/5/2017-E.II(B) दिनांक 7
जुलाई 2017 में संलग्न एनेक्ज़र में वर्णित शहरों के लिए 3600 प्लस डी.ए के
लिए पात्र होंगे और अन्य सभी स्थानों के कर्मचारी 1800 प्लस डी.ए के पात्र
होंगे।
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वैसे केन्द्रीय कर्मचारी जो 1800 एवं 1900 ग्रेड पे में थे तथा बैंड पे 7440
या उससे अधिक प्राप्त कर रहे थे, उन्हें 7वें वेतन आयोग में अधिकतम परिवहन
भत्ता का लाभ मिलेगा।
अत: माना जा सकता है कि 6ठे वेतन आयोग के पे बैंड पी.बी—1 में वेतन 7440 अब
7वें वेतन आयोग में 24200 के रूप में बदल दिया गया है।

6 वीं सीपीसी द्वारा अनुमोदित परिवहन भत्ता की दर 
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7 वीं सीपीसी द्वारा अनुमोदित परिवहन भत्ता की दर 

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जानिए कितना नुकसान हो रहा था ​लेवल 1 एवं 2 के ​कर्मियों को

1 जुलाई 2017 से सातवें वेतन आयोग के भत्तों के लागू होने के बाद लेवल 1 एवं 2
के कर्मियों को परिवहन भत्ता में प्रतिमाह करीब 48 से 61 प्रतिशत तक का नुकसान
उठाना पड़ रहा था। इस नुकसान को निम्न उदाहरण से समझा जा सकता है।
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क्लासिफाईड शहर में कार्यरत् किसी केन्द्रीय कर्मी का 6ठे वेतन आयोग में वेतन
पी.बी.1 में 8900 + ग्रेड पे 1900 था, उसे परिवहन भत्ते के रूप में प्रतिमाह
1600 + 2000 अर्थात् 3600 मिलता था तथा अन्य शहर में कार्यरत् कर्मचारी 800 +
1000 अर्थात् 1800 रूपये पाता था (महंगाई भत्ता की दर 125%)। सातवें वेतन आयोग
के भत्तों के 1 जुलाई 2017 से लागू होने के बाद उसी कर्मचारी को क्लासिफाईड
शहरों एवं अन्य शहरों में क्रमश: 1350 + 54 = 1404 एवं 900 + 36 = 936 (1.1.17
से महंगाई भत्ता की दर 4%) मिल रहा है। अर्थात् क्लासिफाईड शहर में प्रतिमाह
2196 (3600 — 1404) जबकि अन्य शहरों में प्रतिमाह 864 (1800 — 936) का नुकसान
उठाना पड़ रहा था।
देखें परिवहन भत्ते में कितने रूपये की बढ़ोत्तरी होगी
माह जुलाई 2017 में लेवल 1 एवं 2 के कर्मियों को क्लासिफाईड शहरों में 1350 +
54 = 1404 तथा अन्य शहरों में 900 + 36 = 936 मिला था जबकि संशोधित दर लागू
होने पर अब उन ​कर्मियों को जिनका वेतन 24200 या उससे अधिक है उन्हें
क्लासिफाईड शहरों में 3600 + 144 = 3744 एवं अन्य शहरों में 1800 + 72 = 1872
(1.1.17
से महंगाई भत्ता की दर 4%) प्राप्त होगा। इस प्रकार उन केन्द्रीय कर्मियों के मासिक ग्रॉस वेतन में
क्रमश: 2340 एवं 936 का लाभ होगा।
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कार्यालय ज्ञापन संख्या 21/5/2017-E.II(B) दिनांक 7 जुलाई 2017 के लिए क्लिक यहां करें

कार्यालय ज्ञापन संख्या 21/5/2017-E.II(B) दिनांक 2 अगस्त 2017 के लिए यहां क्लिक करें

केन्द्रीय कर्मियों को परिवहन भत्ते में भारी नुकसान

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