रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों में सुधार के पहले चरण को मंजूरी दी Ministry of Defence approves first phase of reforms in The Armed Forces

रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों में सुधार के पहले चरण को मंजूरी दी
Ministry of Defence approves first phase of reforms in The Armed Force
पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
रक्षा मंत्रालय
30-अगस्त-2017

रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों में सुधार के पहले चरण को मंजूरी दी

आजादी के बाद पहली बार रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के साथ परामर्श के
तहत भारतीय सेना में योजनाबद्ध तरीके से सुधार करने का निर्णय लिया है।
रक्षा से संबंधित सभी पक्षों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करने के पश्चात
रक्षा मंत्री श्री अरुण जेटली ने इन निर्णयों को मंजूरी दी है।
सुधार के पहले चरण में अधिकारी/जेसीओ/ओआर और असैन्यकर्मियों के लगभग
57,000 पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। मंजूर किए गए प्रमुख सुधार निम्न
हैं-
  • सिग्नल प्रतिष्ठानों के अधिकतम उपयोग के लिए रेडियो निगरानी
    कंपनी, एयर सपोर्ट सिग्नल रेजिमेंट, एयर फॉर्मेशन सिग्नल
    रेजिमेंट, संयुक्त सिग्नल रेजीमेंट्स को सिग्नल प्रतिष्ठानों में
    शामिल किया जाएगा तथा कोर संचालन और इंजीनियरिंग सिग्नल
    रेजिमेंटों का विलय कर दिया जाएगा।
  • सेना के रख-रखाव व मरम्मत इकाईयों की पुर्नसंरचना की जाएगी। इसके
    अंतर्गत बेस वर्कशॉप, एडवांस बेस वर्कशॉप और स्टेशन वर्कशॉप को
    शामिल किया जाएगा।
  • आयुध विभाग की पुर्नसंरचना। इसके अंतर्गत वाहन डिपो, आयुध डिपो और
    केन्द्रीय आयुध डिपो को शामिल किया जाएगा।
  • पशुओं की परिवहन इकाइयों के आपूर्ति और परिवहन विभागों का बेहतर
    उपयोग किया जाएगा।
  • शांतिपूर्ण क्षेत्रों में सैन्य फार्मों और सैन्य डाक
    प्रतिष्ठानों को समाप्त करना।
  • सेना में वाहन चालकों और लिपिकों की भर्ती को उच्च स्तरीय बनाया
    जाएगा।
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर की कार्य दक्षता में सुधार।
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सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी के निर्णय के पश्चात 39 सैन्य फार्मों को
समयबद्ध तरीके से समाप्त करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीबी शेकाटकर की
अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति गठित की थी, जिसका उद्देश्य सेना की
युद्ध क्षमता बढ़ाने तथा रक्षा व्यय को संतुलित करने के संबंध में सुझाव
देना था।
विशेषज्ञों की समिति ने दिसंबर, 2016 में मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप
दी थी। रक्षा मंत्रालय ने इसपर विचार करने के पश्चात 99 सिफारिशों को
सशस्त्र बलों को भेज दिया। इसका उद्देश्य सिफारिशों के अनुसार कार्यान्वयन
योजना बनाना था। रक्षा मंत्री श्री अरुण जेटली ने कार्यान्वयन के लिए
भारतीय सेना से संबंधित 65 सिफारिशों को मंजूरी दी है।
इन सुधारों को 31 दिसंबर, 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। भारतीय सेना के
पुनर्गठन का उद्देश्य सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाना, अधिकारियों/जेसीओ/ओआर
का परिचालन तैयारी में उपयोग और असैन्य रक्षाकर्मियों की कार्य कुशलता
बढ़ाने के लिए सेना के विभिन्न प्रभागों में प्रतिनियुक्ति करना है।

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Press Information Bureau
Government of India
Ministry of Defence
30-August-2017



Ministry of Defence approves first phase of reforms in The Armed
Forces
In a first ever exercise after Independence, the Ministry of Defence in
consultation with the Indian Army has decided to reform the Indian Army
in a planned manner. These decisions were approved by the Defence
Minister Shri Arun Jaitley after an extensive consultation with all
stakeholders.
Read also :  Simplification of procedure for CGHS beneficiaries to undertake treatment at private hospitals empanelled under CGHS : MoH&FW OM dated 15.01.2018
The first phase of the reforms involves redeployment and restructuring
of approximately 57,000 posts of officers/JCOs/ORs and civilians. Major
reforms concerning the following have been approved:-
  • Optimisation of Signals Establishments to include Radio
    Monitoring Companies, Corps Air Support Signal Regiments, Air
    Formation Signal Regiments, Composite Signal Regiments and
    merger of Corps Operating and Engineering Signal Regiments.
  • Restructuring of repair echelons in the Army to include Base
    Workshops, Advance Base Workshops and Static/Station Workshops
    in the field Army.
  • Redeployment of Ordnance echelons to include Vehicle Depots,
    Ordnance Depots and Central Ordnance Depots apart from
    streamlining inventory control mechanisms.
  • Better utilization of Supply and Transport echelons and Animal
    Transport units.
  • Closure of Military Farms and Army postal establishments in
    peace locations.
  • Enhancement in standards for recruitment of clerical staff and
    drivers in the Army.
  • Improving the efficiency of the National Cadet Corps.
Implementation has begun with the decision of the Cabinet Committee on
Security to close 39 military farms in a time bound manner.
The Ministry of Defence had constituted a Committee of Experts under
the Chairmanship of Lt Gen (Retd) (Dr.) DB Shekatkar with a mandate to
recommend measures for enhancing of Combat Capability & Rebalancing
Defence Expenditure of the Armed Forces with an aim to increase “teeth
to tail ratio”.
Read also :  No provision for a grade in pay structure higher than GP 4800/5400 (level 8/ level 9) to Stenographers Cadre in Indian Railways - RBE No.176
The Committee of experts had submitted its report to the Ministry in
December, 2016, which was considered by the Ministry of Defence and 99
recommendations were sent to the Armed Forces for making an
implementation plan. The Defence Minister Shri Arun Jaitley has
approved 65 of these recommendations pertaining to the Indian Army for
implementation.
These reforms will be completed in all respects by 31 December 2019.
Restructuring by the Indian Army is aimed at enhancing Combat
Capability in a manner that the officers/JCOs/ORs will be used for
improving operational preparedness and civilians will be redeployed in
different wings of the Armed Forces for improving efficiency.
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Source : PIB

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