आयकर : क्या क्या होंगे 5 प्रमुख परिवर्तन 1 अप्रैल से

आयकर : क्या क्या होंगे 5 प्रमुख परिवर्तन 1 अप्रैल से

आयकर : क्या क्या होंगे 5 प्रमुख परिवर्तन 1 अप्रैल से

अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2018—19 के लिए विभिन्न टैक्स परिवर्तन पेश किए जो आगामी 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगे। चूंकि ये कर परिवर्तन कई तरह से करदाताओं को प्रभावित करेगा इसलिए करदाताओं को आयकर नियमों में की गई महत्वपूर्ण परिवर्तनों के बारे में पता होना आवश्यक है। वित्तमंत्री ने वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती की शुरूआत से लेकर इक्विटी पर एलटीसीजी की शुरूआत तक कई महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। आईए देखें क्या हैं वे 5 महत्वपूर्ण परिवर्तन जो आगामी 1 अप्रैल 2018 से लागू होंगे: 

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1. मानक कटौती की शुरूआत:

वेतनभोगी कर्मचारियों को परिवहन भत्ते के रूप में मिल रहे मौजूदा 19,200 एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए 15,000 रूपये तक के टैक्स छूट को समाप्त कर वित्तमंत्री ने इसके स्थान पर एकमुश्त 40,000 रूपये की फ्लैट मानक कटौती की घोषण की है। मानक कटौती की शुरूआत से लगभग 2.5 करोड़ वेतनभोगी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

2. एलटीसीजी पर टैक्स की घोषणा:

सरकार ने इक्विटी निवेश पर दिर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर पेश किया है। इक्विटी शेयर या इक्विटी लिंक्ड फंड की बिक्री पर प्राप्त होने वाले 1 लाख रूपये से अधिक के पूंजीगत लाभ पर 1 अप्रैल 2018 से 10 प्रतिशत कर लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।

3. इक्विटी म्यूचुअल फंड द्वारा वितरित लाभांश पर कर:

इक्विटी म्यूचुअल फंड द्वारा वितरित लाभांश से प्राप्त होने वाली आय पर भी 10 प्रतिशत कर लगाया गया है।

4. उच्च उपकर:

सरकार ने देय आयकर राशि पर करदाताओं के लिए शुद्व आयकर पर लगने वाले मौजूदा उपकर 3 प्रतिशत से बढ़ा कर 4 प्रतिशत कर दिया है।

5. एनपीएस पर कर मुक्त वापसी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट 2018 के भाषण में एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) से निकासी पर गैर-कर्मचारी अंशदाताओं को कर-मुक्त वापसी का लाभ बढ़ाया है। वर्तमान में गैर-कर्मचारी सदस्यों को इस छूट का लाभ नहीं मिलता है। गैर-कर्मचारी अंशदाताओं को कर—मुक्त वापसी के रूप में नई छूट का लाभ आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्राप्त हो जाएगा।

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