आशक्तता पेंशन | केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2018 – अधिसूचना दिनांक 04.01.2019

आशक्तता पेंशन | केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2018 – अधिसूचना दिनांक 04.01.2019

 आशक्तता पेंशन | केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2018 – अधिसूचना दिनांक 04.01.2019
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भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
पेंशन और पेंशनर कल्याण विभाग
नई दिल्ली, तारीख 4 जनवरी, 2019
अधिसूचना
सा.का.नि. ……………. (अ) — राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 148 के खंड (5) के साथ पठित अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय संपरीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक से परामर्श करने के पश्चात, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात :-

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ:-
(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) संशोधन नियम, 2018 है। 
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 
2. केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 में, –
(i) नियम 38 के उपनियम (1) और उपनियम (2) के स्थान पर क्रमशः निम्नलिखित उपनियम रखे जाएंगे, 
अर्थात :-
“(1) दिव्यंग्ता अर्जित करने वाले किसी सरकारी सेवक के मामले में जहां दिव्यागजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) की धारा 20 के उपबंध लागू होते हैं, उक्त धारा के उपबंधों द्वारा शासित होगा:
परंतु ऐसा कर्मचारी दिवयंगजन अधिकार नियम, 2017 के अधीन यथाविहित सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त दिवयांगता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा। 
(2) उस मामले में जहां दिवयंगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (2016 का 49) की धारा 20 के उपबंध लागू नहीं होते हैं, वहाँ यदि सरकारी सेवक किसी शारीरिक या मानसिक अशक्तता के कारण, जो उसे सेवा से स्थायी रूप से असमर्थ कर देती है, सेवानिवृत्त हो जाता है तो उसे नियम 49 के अनुसार अशक्त पेंशन दी जा सकेगी:
परंतु यदि कोई सरकारी सेवक किसी शारीरिक या मानसिक दुर्बलता के कारण, जो उसे अपनी दस वर्ष अर्हक सेवा पूर्ण करने से पहले सेवा से स्थायी रूप से असमर्थ कर देती है, उसे भी निम्नलिखित शर्तों के अधीन रहते हुए नियम 49 के उपनियम (2) के अनुसार अशक्त पेंशन दी जा सकेगी-

(क) समुचित चिकित्सा प्रधीकारी द्वारा या तो सरकारी सेवा में उसकी नियुक्ति से पूर्व अथवा उसके नियुक्ति के पश्चात उसकी परीक्षा की गई और उसे सरकारी सेवा के लिए ऐसे चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा योगी घोषित किया गया हो; और

(ख) अशक्त पेंशन दिये जाने के लिए इस नियम में वर्णित अन्य सभी शर्तों क्कों पूर्ण करता हो।”;

(ii) नियम 49 के उपनियम (2) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात :-
(2) नियम 38 के उपनियम (2) के परंतुक के अधीन रहते हुए, दस वर्ष से अन्यून अर्हक सेवा पूर्ण करने के पश्चात इन नियमों के उपबंधों के अनुसार सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी सेवक के मामले में, न्यूनतम नौ हज़ार रुपए प्रतिमास तथा अधिकतम एक लाख पच्चीस हज़ार रुपये प्रतिमास के अधीन रहते हुए, पेंशन की रकम परिलब्धियों या औसत परिलब्धियों के पचास प्रतिशत पर संगणित की जाएगी, जो भी उसके लिए अधिक लाभदायक हो”। 
[फा.सं.21/1/2016-पीएण्डपीडब्ल्यू(एफ)]
(संजीव नारायण माथुर)
संयुक्त सचिव, भारत सरकार

श्रोत: अधिसूचना के लिए यहाँ क्लिक करें
[http://documents.doptcirculars.nic.in/D3/D03ppw/Notification_040119_HindiMx2Vc.pdf]

Read also :  Enhanced Dearness Relief from July, 2018 @ 9% - DoP&PW Office Memorandum dated 18.9.2018

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