7वीं सीपीसी : वेतन के स्तरों के बंचिंग के संबंध में वित्त मंत्रालय का दिनांक 07.02.2019 का कार्यालय ज्ञापन


7वीं सीपीसी : वेतन के स्तरों के बंचिंग के संबंध में वित्त मंत्रालय का दिनांक 07.02.2019 का कार्यालय ज्ञापन
सं. 1-6/2016-आईसी/ई.।।।-ए
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
व्यय विभाग
नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्‍ली
07th फरवरी, 2019
कार्यालय ज्ञापन

विषयः 7वें  केन्द्रीय वेतन आयोग पर आधारित संशोधित वेतनमानों में वेतन निर्धारण के परिणामस्वरूप 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग-पूर्व वेतन के स्तरों की बंचिंग के संबंध में।


अधोहस्ताक्षरी को इस विभाग के 3 अगस्त, 2017 के का.ज़ा. सं. 1-6/2016-आईसी की ओर ध्यान आकृष्ट करने का निर्देश हुआ है जिसमें 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के आधार पर 01.01.2016 से लागू संशोधित वेतनमानों (वेतन मैट्रिक्स के प्रयोज्य लेवल) में वेतन निर्धारण के परिणामस्वरूप “बंचिंग’ का सिद्धांत त्रागू करने की पद्धति विस्तार से स्पष्ट की गई है।
2. इस तथ्य के बावजूद कि दिनांक 03.08.2017 के उक्त कार्यालय ज़ापन में 7वें केन्द्रीय वेतन आयोग पर आधारित संशोधित वेतमानों के संदर्भ में बंचिंग का मुद्दा विस्तार से स्पष्ट किया गया है. बंचिंग का सिद्धांत लागू किए जाने की पद्धति के संबंध में स्पष्टीकरण मांगते हुए इस मंत्रालय में संदर्भ प्राप्त हो रहे हैं। यह देखा गया है कि प्राप्त हुए कुछ संदर्भ 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 01.01.2016 से वर्तमान में प्रचलित वेतन संरचना के संदर्भ में इस मंत्रालय के दिनांक 03.08.2017 के उपर्युक्त कार्यालय ज्ञापन के अनुसार स्पष्ट की गई स्थिति की तुलना में 01.01.2016 से पहले छठे वेतन आयोग के आधार पर प्रचलित वेतन संरचना के दौरान प्राप्त बंचिंग संबंधी स्थिति से उत्पन्न हुए हैं। 
3. अतः इस मामले पर मांगे गए स्पष्टीकरणों को ध्यान में रखते हुए विचार किया गया है और इस मुद्दे को अब स्पष्ट किया जाता है। सर्वप्रथम, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित संशोधित वेतमानों के प्रभावी होने की तारीख को ऐसे वेतन निर्धारण के सूत्र पर आधारित वेतन निर्धारण के फलस्वरूप बंचिंग पर पूरी तरह से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार विचार किया जाना है, जैसाकि आयोग की रिपोर्ट के पैरा 5.1.37 में स्पष्ट किया गया है। 7वें वेतन आयोग द्वारा संस्तुत और पूर्व कार्यान्वयन प्रकोष्ठ के दिनांक 07.09.2016 और 03.08.2017 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार सरकार द्वारा स्वीकृत बचिग का सिद्धांत छठे वेतन आयोग द्वारा संस्‍तुत और उसके आधार पर सरकार द्वारा स्वीकृत सिद्धांत से भिन्‍न है। अतः 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित संशोधित वेतन संरचना में बंचिंग का सिद्धांत पहले पालन किए जा रहे सिद्धांत से स्वतंत्र है और उससे इसका कोई संबंध नहीं है। 
4. छठे केन्द्रीय वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट के पैरा 2.2.21 में सिफारिश की – “इन मामलों में. बंचिंग की समस्या को कम करने के लिए आयोग ने किसी भी संशोधन-पूर्व वेतनमान में जहां-कहीं भी दो या अधिक स्तर संशोधित वेतन बैंड में एक लेवल पर एक साथ बंच हो रहे थे, वहां एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि के लाभ की अनुमति दी है…. आयोग ने एक विस्तृत निर्धारण चार्ट तैयार किया है जो प्रत्येक स्तर पर संशोधित चालू वेतन बैंडों में फिटमेन्ट दर्शाता है।” तथापि, छठे वेतन आयोग द्वारा तैयार किए गए फिट्मेन्ट चार्टों में आयोग ने बंचिंग से अपना तात्पर्य उदाहरण सहित स्पष्ट किया है।  छठे वेतन आयोग द्वारा तैयार की गईं फिटमेन्ट तालिका से लिए गए उदाहरण अनुबंध-। में दिए गए हैं।
5. बंचिंग का यह सिद्धांत वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग द्वारा दिनांक 30.08.2008 के का.ज्ञा.सं.1-1/2008-आईसी के अनुसार निधारित फिटमेन्ट तालिका के अनुसार अपनाया गया था। इसके उदाहरण अनुबंध-।। में दिए गए हैं।
6. 7वे वेतन आयोग ने बंचिंग के मुद्दे का उल्लेख पैरा 5.1.365 और 5.137 में किया है, जिन्हें नीचे पुनः प्रस्तुत किया गया है।
5.1.36 यद्यपि अधिकांश स्तरों पर न्यूनतम बंचिंग सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक सावधानी से यौंक्तिकरण किया गया है तथापि यदि जब कभी दो से अधिक स्तरों को एक साथ बंच किए जाने की स्थिति उत्पन्न होती है तो बंच किए गए प्रत्येक दो स्तरों के लिए 3% के बराबर एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाए और वेतन मैट्रिक्स में अगली कोष्ठिका में वेतन निर्धारित किया जाए।”
5.1.37 उदाहरण के लिए, यदि 10,000/- रुपए ग्रेड वेतन में 53,000/- रुपए और 54,590/- रुपए का वेतन आहरित कर रहे दो व्यक्तियों को नए वेतन मैट्रिक्स में रखा जाना है, तो 2.57 गुणांक से गुणा करने पर 53,000/- रुपए का वेतन आहरित करने वाला व्यक्ति 1,36,210/- रुपए वेतन पाने की अपेक्षा करेगा और 2.57 गुणांक से गुणा करने पर 54,590/- रुपए आहरित करने वाला व्यक्ति 1,40,296/- रुपए वेतन पाने की अपेक्षा करेगा। आदर्शतः दोनों का संशोधित वेतन लेवल 15 की प्रथम कोष्ठिका में 1,44,200/- रुपए के वेतन में निर्धारित किया जाना चाहिए परन्तु बंचिंग से बचने के लिए 54,590/- रुपए का वेतन आहरित करने वाले व्यक्ति का वेतन, लेवल 15 की दूसरी कोष्ठिका में 1,48,500/- रुपए के वेतन पर निर्धारित किया जाएगा। 
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7. तदनुसार, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सार 7वें वेतन आयोग द्वारा दिए गए उपर्युक्त उदाहरण में निहित है। इस उदाहरण के अनुसार, 53,000/- रुपए और 54,590/- रुपए का वेतन 01.01.2016 से पूर्व लागू पीबी-4 जमा 10,000/- रुपए के ग्रेड वेतन में प्रयोज्य वेतन था जो 01.01.2016 से बागू वेतन मैट्रिक्स के लेवल-14 के अनुरूप है। 54,590/- रुपए का वेतन 53,000/- रुपए के वेतन से 3% अधिक था। अर्थात्‌ इन दोनों वेतन को 53,000/- रुपए के 3% के अंतर से अलग किया गया था। इसलिए 54,590/- रुपए का वेतन 53,000/- रुपए के वेतन का अगला स्तर था। यह ध्यान में रखते हुए कि 7वें वेतन आयोग ने 54,590/- रुपए के वेतन लेवल पर ही बंचिंग के लाभ की अनुमति दी है, वास्तव में यह छठे वेतन आयोग के दौरान पालन किए गए सिद्धांत से विचलन है क्योंकि छठे वेतन आयोग की व्यवस्था में बंचिंग के प्रयोजन हेतु तीसरे क्रमिक स्तर पर बंचिंग लाभ की अनुमति दी गई थी न कि दूसरे स्तर (अगले स्तर) पर ही।
8. इसके अलावा, 7वें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट के पैरा 5.1.37 में दिए गए उदाहरण में 56,230/- रुपए के संशोधन-पूर्व वेतन, जो 54,590/- रुपए के वेतन से 3% अधिक है, के संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया है। 56,230/- रुपए के सशोधन-पूर्व वेतन के संदर्भ में लेवल 14 में निर्धारित संशोधित वेतन 1,48,500/- रुपए होगा। यह वेतन उस वेतन के बराबर होगा जो बंचिंग की अनुमति के पश्चात्‌ संशोधन-पूर्व 54,590/- रुपए के वेतन के संदर्भ में दिया जाना है। तथापि, ऐसे मामलों में 7वें वेतन आयोग ने किसी अतिरिक्त लाभ की सिफारिश नहीं की थी क्योंकि उसने अपने उदाहरण में निचले स्तर पर बंचिंग के परिणामस्वरूप संशोधन-पूर्व वेतन के अगले स्तरों के मामले में किसी लाभ को शामिल नहीं किया था।
9. उपर्युक्त को ध्यान में रखते हुए, 7वें वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर 01.01.2016 से लागू संशोधित वेतन संरचना में वेतन के निर्धारण के परिणामस्वरूप बंचिंग के लाभ पर उपर्युक्त के संदर्भ में और दिनांक 03.08.2017 के पूर्वोक्‍त पत्र में पहले से जारी किए गए स्पष्टीकरणों के आलोक में विचार किया जाना है। तदनुसार:
(i) जहां केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2016 के नियम 7(1)(क)(i) के अनुसार वेतन निर्धारण के परिणामस्वरूप, 01.01.2016 से तत्काल पूर्व प्राप्त वेतन संरचना में आहर‍ित दो अलग-अलग वेतन, जो पिछले स्तर के 3% से एक दूसरे से अलग थे, 01.01.2016 से लागू वेतन मैट्रिक्स के प्रयोज्य लेवल के उसी कोष्ठिका में निधारित किए जाते हैं, तत्पश्चात्‌ 7वें वेतन आयोग द्वारा दिए उपर्युक्त उदाहरण के पैरा 5.1.37 के अनुसार, ऐसा वेतन जो पिछले वेतन से 3% अधिक है, के संबंध में 01.01.2016 को एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि के रूप में बंचिंग का लाभ स्वीकार्य होगा। इसे निम्नलिखित उदाहरण से स्पष्ट किया जाता है: 

छठा
के.वे.आ.
वेतनमान:
पीबी-
4
(37,400-67,000)
+

ग्रेड
वेतन
8,700/-

रुपए
7वां
के.वे.आ. वेतनमान-
लेवल
13
 (1,23,100-2,15,900)
Read also :  Pension Revision: Minutes of Meeting- At CPAO with all Heads of CPPCs of State Bank of India

छठा
केन्द्रीय
वेतन
आयोग
वेतन
संरचना
(पीबी-
4

और
8700/-

रुपए
का
ग्रेड
वेतन)
 7वें
केन्द्रीय
वेतन
आयोग
की
वेतन
मैट्रिक्स
(लेवल-
13)

में
वेतन
निर्धारण

वेतन
2.57

गुणांक
के आधार पर समेकन
01.01.2016

को निर्धारित वेतन

बंचिंग
के
बाद
वेतन

46
,100

1
,18,477
रुपए
1,23,100/-

रुपए
1,26,800/-

रुपए
47,490
(46
,100+3%)
1,22,049

रुपए
1,23,100/-

रुपए
1,26,800/-

रुपए
(ii) उपर्यक्त पैरा 8 में स्पष्ट की गई स्थिति और अपनी रिपोर्ट के पैरा 5.1.37 में दिए गए उदाहरण के अनुसार 7वें वेतन आयोग की विशिष्ट सिफारिश को ध्यान में रखते हुए, ऊपर दिए गए नियम 7(1)(क)(i) के लागू किए जाने के परिणामस्वरूप बंचिंग के लाभ के पश्चात्‌ आगे किसी और कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। यह नीचे दर्शाया गया है: 

छठा
केन्द्रीय
वेतन
आयोग
वेतन
संरचना
(पीबी-
4

और
8700/-

रुपए
का
ग्रेड
वेतन)
 7वें
केन्द्रीय
वेतन
आयोग
की
वेतन
मैट्रिक्स
(लेवल-
13)

में
वेतन
निर्धारण

वेतन
2.57

गुणांक
के आधार पर समेकन
01.01.2016

को निर्धारित वेतन

बंचिंग
के
बाद
वेतन

टिप्पणियां

46
,100

1
,18,477
रुपए
1,23,100/-

रुपए
1,26,800/-

रुपए
47,490
(46
,100+3%)
1,22,049

रुपए
1,23,100/-

रुपए
1,26,800/-

रुपए

बंचिंग के कारण बढ़ाया गया वेतन

48,920

(47,490+3%)

1,25,724 रुपए

1,26,800/- रुपए

1,26,800/- रुपए

कोई परिवर्तन नहीं
10. उपर्युक्त के आलोक में, इस मंत्रालय को भेजे गए स्पष्टीकरण के बिन्दु अनुबंध-।।। में स्पष्ट किए गए हैं।
11. जहां तक भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग के कर्मचारियों पर इन आदेशों के लागू होने का संबंध है, ये आदेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से परामर्श के बाद जारी किए जाते हैं।
ह./-
(अमर नाथ सिंह)
निदेशक


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अनुबंध-।।।
संदेहास्पद बिंदु और उन पर स्‍पष्‍टीकरण




क्रम सं.

संदेहास्पद बिंदु

स्पष्टीकरण

1.

क्या
3%

की एक वेतनवृद्धि से एक स्तर बनता है या दो अधिकारियों के
वेतन के बीच
3%

के अंतर से दो
स्तर बनाते हैं।

जैसा कि इस मंत्रालय के दिनांक
3.8.2017

के पूर्व का.ज़ा. में स्पष्ट किया गया है
, 5वें
केन्द्रीय वेतन
आयोग की व्यवस्था के तहत वेतन संरचना में प्रत्येक
वेतनमान के स्तरों को भली-भांति परिभाषित कियां गया था और
68वें
केन्द्रीय वेतन आयोग संरचना मे स्तर भली-भांति परिभाषित नहीं थे। चूंकि छठे
केन्द्रीय
वेतन आयोग संरचना में कोई परिभाषित स्तर नहीं थे और चूंकि छठे केन्द्रीय
वेतन आयोग की संरचना में
किसी कर्मचारी विशेष के लिए चालू वेतन बैंड में वेतन
, 10

रूपए के गुणांक में कोई भी राशि हो सकती थी
,

इसमें बहुत स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया है कि
7वें
वेतन आयोग की रिपोर्ट के पैरा
5.1.37

में दिए गए उदाहरण के अनुसार
,

छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की
संरचना में दो स्तरों की गणना के लिए वार्षिक
वेतनवृद्धि की दर में कम से कम
3%

का अंतर आवश्यक था। अतः
,

बंचिंग पर विचार किए जाने के
उद्देश्य के लिए इस आदेश के पैरा
9(i)

में दिए गए
उदाहरण के अनुसार
,

किसी विशिष्ट ग्रेड वेतन के साथ
किसी वेतन बैंड में आहरित दो वेतन
,

जो कमतर वेतन
के
3%

द्वारा अलग किए गए हों
,

पर विचार किया
जाएगा।

2.

क्या किसी लेवल की कोष्ठिका
1

में
वेतन को पहले स्तर के रूप में माना
जा सकता है।

जैसा कि इन आदेशों में स्पष्ट किया गया है
,

दिनांक
01.01.2016

से पहले वेतन संरचना में आहरित वेतन
के क्रमिक स्तरों के संदर्भ में बंचिंग पर विचार किया
जाएगा
,

और इसलिए कोष्ठिका
1

का संदर्भ देना
,

जो
संशोधित वेतन संरचना में मौजूद है
,

प्रासंगिक नहीं है।

3.

क्‍या बंचिंग के लिए छठे केन्द्रीय
वेतन आयोग की वेतन संरचना में
प्रारभिक वेतन से नीचे के सभी वेतन
स्तरों पर विचार नहीं किया जाना
चाहिए।

इस बिंदु को दिनांक
3.8.2017

के उक्त का.ज्ञा. में विस्तृत रूप से स्पष्ट किया गया है। जैसा कि उसके
पैरा
8(iv)
में उल्लेख किया गया है
, 7वें
केन्द्रीय वेतन
आयोग की रिपोर्ट में शामिलत्र वेतन मैट्रिक्स में
यथानिर्टिष्ट छठे केन्द्रीय वेतन आयोग संरचना मे
प्रारंभिक वेतन से नीचे के सभी वेतन स्तरों को बचिंग
की सीमा निधौरित करते समय विचार नहीं किया जाना
चाहिए।
4.

क्‍या बचिंग का लाभ केवल वहीं दिया
जाना चाहिए जहां अधिकारियों का
पिछला और वर्तमान वेतन स्तर
(प्रत्येक
कर्मचारी के लिए विशिष्ट)
इस विभाग के दिनांक
3.8.2017

के
कार्यालय ज्ञापन के पैरा
5

और
8(iii),

जिसमें यह प्रावधान है कि क्रमिक
वेतन स्तरों के निधारण के लिए
3%

के अंतर की गणना की जाएगी
,

के
अनुसार किसी अन्य अधिकारी के
वेतन से तुलना किए बिना बंच किया
जा रहा है और
7वें
केन्द्रीय वेतन
आयोग के मैट्रिक्स में उसी स्तर पर
रखा गया है।

इन आदेशों में स्पष्ट की गई स्थिति में यह बिन्दु भी
शामिल है। जैसा कि उदाहरण में स्पष्ट किया गया है
, 46,100

रुपए और
47,490

रुपए के पूर्व-संशोधित
वेतन को वेतन के दो स्तर माना जाता है
,

क्‍योंकि ये
3%

से अलग किए जाते हैं और ये किन्ही दो
अधिकारियों दवारा आहरित किए जा सकते हैं।
5.

क्या कनिष्ठ अधिकारी
,

जो वरिष्ठ
अधिकारी से
3%

के अंतर से कम
वेतन आहरित कर रहा है और जिसका
वेतन अब उसी लेवल में निर्धारित हों
गया है
,

जिसमें वरिष्ठ अधिकारी का
हुआ है
,

के वेतन के संदर्भ में किसी
वरिष्ठ अधिकारी को बंचिंग का लाभ
दिया जाता है।

बंचिंग का यह मामला किसी कनिष्ठ अधिकारी का किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा
आहरित किए जा रहे वेतन की तुलना का मामल्रा नहीं है। जैसा कि इन
आदेशों में स्पष्ट किया गया है
,

बंचिंग इम आदेशों में
दिए गए उदाहरण के अनुसार होती है और इसलिए
,

यह वरिष्ठता के मामले से संबंधित नहीं है।
6.

क्या बंचिंग का लाभ उस वरिष्ठ
अधिकारी को भी दिया जाना अपेक्षित
है जहां उसके कनिष्ठ का वेतन उसे
दिए गए वेतन बंचिंग के ल्राभ के
कारण उस वरिष्ठ अधिकारी के समान
कोष्ठिका में निर्धारित किया गया है।
7.

क्या बंचिंग का लाभ केवल सरकारी
कर्मचारी के पूर्व-संशोधित वेतन के दो
स्तरों की बंचिंग के आधार पर दिया
जा सकता है।

यह स्पष्ट नहीं हैं कि किसी सरकारी कर्मचारी दूवारा
आहरित दो स्तर
1.1.2016

को वेतन निर्धारण के लिए
कैसे संगत है
,

क्योंकि
31.12.2015

को आहरित वेतन
को ही
1.1.2016

को वेतन निर्धारण के लिए ध्यान में
रखा जाएगा।

 
8.

क्‍या बंचिंग का लाभ सीधे वेतन
निर्धारण के आधार पर दिया जाना
चाहिए जहां पूर्व-संशोधित वेतन में दो
अधिकारियों का वेतन संशोधित वेतन
संरचना (
7वें
केन्द्रीय वेतन आयोग) में समान स्तर पर
3%

के अंतर के साथ
निर्धारित किया गया है या प्रारंभिक/प्रत्यक्ष वेतन निर्धारण पर
बंचिंग के लिए एक अधिकारी को
अतिरिक्त वृद्धि प्रदान किए जाने के
कारण अगले उच्चतर वेतन स्तर के
साथ आगे बंचिंग के आधार पर किया
गया है।

जैसा कि इन आदेशों के पैरा
9(ii)

में शामिल उदाहरणों
में स्पष्ट किया गया है
,

ऐसे मामलों में ऐसा कोई लाभ
स्वीकार्य नहीं है।
(https://doe.gov.in/sites/default/files/Bunching_Hindi_7.2.2019.pdf)

Read also :  Date of Effect of Allowances – HRA, Transport Allowance, CEA etc must be from 01.01.2016 : NAC Agenda Item No11

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