नियम एफआर 56(ज) के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति – लोक सभा में माननीय मंत्री का जवाब 

नियम एफआर 56(ज) के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति – लोक सभा में माननीय मंत्री का जवाब 

नियम एफआर 56(ज) के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति – लोक सभा में माननीय मंत्री का जवाब

वर्ष 2019 में वर्तमान राष्ट्रिय जनतान्त्रिक गठबंधन सरकार के दुबारा सत्ता में लौटने के पश्चात मोदी सरकार द्वारा एक के बाद एक कई बोल्ड निर्णय लिए गए हैं। खास कर सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए भी कई निर्णय लिए गए हैं। इसी बीच मीडिया में ऐसी भी खबर आई कि सरकार ने अपने अधिकारियों / कर्मचारियों के सेवा नियमों की समीक्षा करने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं ताकि भ्रष्ट कर्मचारियों की सेवाओं को निलंबित किया जा सके। मीडिया में भी ऐसी खबर आई कि कई विभागों के ग्रुप ए अधिकारियों को अनिवार्य सेवा निवृत्ति प्रदान की गई है।

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guidelines and termination of currupt employees

इन खबरों से केन्द्रीय कर्मियों के एक वर्ग में संशय की स्थिति बनी हुई थी। केंद्रीय कर्मियों के मन में इस बात पर भी संशय बनी हुई थी कि अनिवार्य सेवा निवृत्ति के पश्चात उन कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ पैकेज के रूप में उपदान, भविष्य निधि आदि देय है या नहीं।

इन सभी अटकलों पर विराम लगते हुए गत 11 दिसंबर को लोकसभा में श्री कनकमल कटारा के अतारांकि प्रश्न का जवाब देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मन्त्री डॉ0 जितेंद्र सिंह ने यह स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारियों को समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति एक सतत प्रक्रिया के तहत दी गई है। उन्होने यह भी कहा कि इस प्रकार की सेवानिवृत्ति मूल नियम (एफआर) 56(ज), केन्द्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) (पेंशन) नियमावली, 1972 के नियम 48 और अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यू-सह-सेवानिवृत्ति लाभ)[एआईएस (डीसीआरबी] नियमावली, 1958 के नियम 16 (3) (संशोधित) के प्रावधानों के तहत, लोकहित में सरकारी सेवकों की आवधिक समीक्षा के पश्चात ही प्रदान की गई है।

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अपने विस्तृत जवाब में डॉ0 जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि जुलाई, 2014 से 25.11.2019 तक की अवधि के दौरान, कुछ मंत्रालयों/विभागों/संवर्ग नियंत्रण प्राधिकारियों द्वारा किए गए परिशोधन अनुरोधों के पश्चात्‌ विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों/संवर्ग नियंत्रण प्राधिकारियों द्वारा प्रोबिटी पोर्टल पर अपलोड की गई सूचना/आंकड़ों के अनुसार, विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों के समूह ‘क’ के कुल 117 अधिकारियों तथा समूह ‘ख’ के कुल 126 अधिकारियों के विरुद्ध एफआर 56(ज)/ऐसे ही नियमों के तहत कार्यवाही की गई है।

अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवर्षिता की आयु प्राप्त होने पर सेवानिवृत्ति पर सरकारी कमचारियों को मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ समान रूप से उक्त कर्मचारियों को भी प्रदान किए जाते हैं।

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