पदोन्नति में आरक्षण के नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान – सरकार का राज्यसभा में वक्तव्य 

पदोन्नति में आरक्षण के नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान – सरकार का राज्यसभा में वक्तव्य 

पदोन्नति में आरक्षण के नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान – सरकार का राज्यसभा में वक्तव्य

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने दिनांक 12 दिसंबर 2019 को राज्य सभा में श्री रवि प्रकाश वर्मा एवं श्री नीरज शेखर द्वारा पुछे गए एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के अधिकारी/कार्मिक केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 और केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 द्वारा शासित होते है जिसमें केन्द्र सरकार दवारा जारी किए गए नीतिगत दिशाननिर्देशों का उललघंन करने वाले अधिकारियों/कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने समय-समय पर सभी मंत्रालयों/विभागों को सख्ती से आरक्षण नीति और आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व से संबंधित अन्य आदेशों का अनुपालन करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अनुदेशों में यह निदेश दिया गया है कि आरक्षण और आरक्षित वर्ग से संबंधित अन्य आदेशों के अनुपालन के मामले में लापरवाही अथवा चूक करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाए तथा इसे समुचित प्राधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए और उन पर समय पर उचित कारवाई की जाए। दिनांक 04.01.2013 के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी मंत्रालयों/विभागों को कम से कम उप सचिव की रैंक वाले संपर्क अधिकारी की नियुक्ति/नामांकन करना तथा केन्द्र सरकार के पदों और सेवाओं में आरक्षण के आदेशों को लागू करने के लिए विशेष आरक्षण प्रकोष्ठ की स्थापना करना अपेक्षित होता है।

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अपने वक्तव्य में उन्होने यह भी कहा कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, केन्द्र सरकार में 90% से अधिक कर्मचारियों वाले मंत्रालयों/विभागों में अनुसूचित जातियों (अजा), अनुसूचित जनजातियों (अजजा) और अन्य पिछड़े वर्गों (अपिव) के लिए बैकलॉग रिक्तियों को भरने में हुई प्रगति की निगरानी करता है। इन दस मंत्रालयों/विभागों में से छह मंत्रालयों/विभागों ने सूचित किया है कि दिनांक 01.01.2018 तक की स्थिति के अनुसार, अनुसूचित जातियों की 7782 बैकलॉग रिक्तियां, अनुसूचित जनजातियों की 6903 बैकलॉग रिक्तियां तथा अन्य पिछड़े वर्गों की 10859 बैकलॉग रिक्तियां भरी जानी शेष थीं। उपर्यक्त छह मंत्रालयों के अतिरिक्त, तीन और मंत्रालयों/विभागों ने सूचित किया है कि दिनांक 01.01.2019 तक की स्थिति के अनुसार, अनुसूचित जातियों की 1713 बैकलॉग रिक्तियां, अनुसूचित जनजातियों की 2530 बैकलॉग रिक्तियां तथा अन्य पिछड़े वर्गों की 1773 बैकलॉग रिक्तियां भरी जानी शेष थीं।

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भारत सरकार
कामिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कामिक और प्रशिक्षण विभाग)

राज्य सभा

अतारांकित प्रश्न संख्या: 2824

(दिनांक 12.12.2019 को उत्तर दिया गया)

पदोन्नति में आरक्षण का उल्लंघन हेतु दंडात्मक प्रावधान

श्री रवि प्रकाश वर्माः
श्री नीरज शेखरः

क्या प्रधान मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(क) अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों को पदोन्नति में आरक्षण का अनुपालन नहीं करने/उल्लंघन करने वाले सरकारी अधिकारियों के विरूद्ध विधिक और दंडात्मक प्रावधानों का ब्यौरा क्‍या है;

(ख) विभिन्‍न विभागों/संगठनों द्वारा नियुक्तियों और पदोन्‍नतियों में आरक्षण के उचित अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा क्‍या है; और

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(ग) आज की तारीख के अनुसार केन्द्र सरकार की नौकरियों में अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग के कोटे में रिक्तियों का ब्यौरा क्या है?

उत्तर 

(क) से (ग) तक : उपरोकतानुसार।

provision for violation of reservation in promotion eng

स्रोत: राज्यसभा (PDF in EnglishPDF in Hindi)

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