Finmin Clarification on Pay-fixation on regular promotion and MACP from Grade Pay 4200 to 4600 / ग्रेड पे 4200 से 4600 में नियमित पदोन्नति या एमएसीपी पर वेतन निर्धारण पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण

Finmin Clarification on Pay-fixation on regular promotion and MACP from Grade Pay 4200 to 4600 / ग्रेड पे 4200 से 4600 में नियमित पदोन्नति या एमएसीपी पर वेतन निर्धारण पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण

Finmin Clarification on Pay-fixation on regular promotion and MACP from Grade Pay 4200 to 4600 / ग्रेड पे 4200 से 4600 में नियमित पदोन्नति या एमएसीपी पर वेतन निर्धारण पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण

GOVERNMENT OF INDIA
MINISTRY OF FINANCE

LOK SABHA

UNSTARRED QUESTION NO. 1227

ANSWERED ON MONDAY, FEBRUARY 10, 2020
MAGHA 21 I 1941 (SAKA)

SHRI KAUSHAL KISHORE

PAY FIXATION METHOD

Will the Minister of Finance be pleased to state:

(a) whether the pay-fixation method for regular promotion and MACP from 4200 Grade Pay to 4600 Pay are done in same manner for the Central Government employees in departments following 6th Central Pay Commission (CPC) and if not, the comments of the Ministry thereon;

(b) the details of the Rule 11 of the Central Civil Service {Revised Pay) Rule, 2008;

(c ) whether the Hon’ble Supreme Court has ordered for pay-fixation in MACP case from 4200 Grade Pay to 4600 Grade Pay to a minimum of Rs.18460/- under Rule 11 of the Central Civil Service (Revised Pay) Rule, 2008 in Appeal No 3052/2019 in case of Union of India and others in their judgment dated 14.03.2019 and if so,the details thereof and the Government reaction thereto;

(d) whether the employees with similar/identical cases could use/rely on the said order for applying for their pay- fixation or they have to separately undergo the same strenuous and unnecessary lengthy litigation process and if so, the details thereof ; and
(e) whether a general order is necessary or the copy of the above order after will be sufficient enough for seeking pay-fixation for employee having similar/identical cases and if not, the time by which the general orders will be brought by the Ministry for guiding the concerned Departments in this regard?

ANSWER

MINISTER OF STATE FOR FINANCE

( SHRI ANURAG SINGH THAKUR )

{a) As per Rule 13 of Central Civil Services {Revised Pay) Rules 2008[CCS {RP) Rules 2008], the fixation of pay in the case of promotion from one Grade Pay to another Grade Pay is required to be done by granting one increment equal to 3% of the sum of the Pay in the Pay Band and the existing Grade Pay of the particular post will be computed and rounded off to next multiple of 10. This will be added to the existing Pay in the Pay Band. The Grade Pay corresponding to the promotion post will thereafter be granted in addition to this Pay in the Pay Band.

No separate method of fixation has been prescribed under MACP scheme. The benefit of pay fixation available at the time of regular promotion shall also be allowed at the time of financial upgradation under MACP scheme. Therefore, the pay shall be raised by 3% of total Pay in the Pay Band and Grade Pay drawn before such upgradation. There shall, however, be no further fixation of pay at the time of regular promotion if it is in the same Grade Pay as granted under MACP scheme. However, at the time of actual promotion if it happens to be in a post carrying higher Grade Pay than what is available under MACP scheme, no pay fixation would be available and only difference of Grade Pay would be made available. Further, in case of promotion to a higher Grade Pay other than what has been given under MACP, the employee shall have the option to draw the difference of Grade Pays from the date of such regular promotion/grant of Non-Functional Scale or the date of accrual of next increment in the pay allowed under MACP.

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(b) The Rule 11 of CCS (RP) Rules, 2008 provides that where a Government servant continues to draw his pay in the existing scale and is brought over to the revised pay structure from a date later than 1st day of January , 2006, his Pay from the later date in the revised pay structure shall be fixed in the following manner:-

Pay in the Pay Band will be fixed by adding the Basic Pay applicable on the later date, the Dearness Pay applicable on that date and the pre-revised Dearness Allowance based on rates applicable as on 01.01.2006 . This figure will be rounded off to the next multiple of 10 and will then become the Pay in the applicable Pay Band. In addition to this, the Grade Pay corresponding to the pre-revised pay scale will be payable. Where the Government servant is in receipt of special pay or non-practicing allowance, the methodology followed will be as prescribed in Rule 7(i),(B),(C) or (D) as applicable, except that the basic pay and dearness pay to be taken in to account will be the basic pay and dearness pay applicable as on that date but dearness allowance will be calculated as per rates applicable on 1.1.2006.

(c ) No, sir. Hon’ble Supreme Court has directed to fix the pay in terms of Rule 11 of CCS (RP) Rules 2008.

(d) The claims of the employees for fixation of pay in revised pay structure are to be addressed by the concerned Ministries/ Departments strictly in terms of CCS (RP) Rules 2008 in consultation with Ministry of Finance/Department of Expenditure wherever required;

(e) Hon’ble Supreme Court judgment dated 14.03.2019 in Civil Appeal No. 3052/2019 in the case of Union of India and others vs Raj Kumar Anand and others is specific to pay fixation matter of Shri Raj Kumar Anand and others and is in consonance with CCS(RP) Rules, 2008. Therefore, no general order / Office Memorandum is required to be issued by this Ministry/Department.


finmin-clarification-on-pay-fixation-on-regular-promotion-and-macp-from-grade-pay-4200-to-4600


भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
व्यय विभाग

लोक सभा

लिखित प्रश्न संख्या – 1227

सोमवार, 70 फरवरी, 2020/27 माघ, 19471 (शक)

वेतन निर्धारण प्रक्रिया

1227. श्री कौशल किशोर:
क्या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

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(क) क्‍या छठे केन्द्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) के बाद विभागों में केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के लिए नियमित पदोन्नति हेतु वेतन निर्धारण प्रक्रिया और 4200 ग्रेड वेतन से 4600 वेतन ग्रेड में एमएसीपी विभागों में एक ही प्रकार से किया जाता है और यदि नहीं, तो इस पर मंत्रालय की क्या टिप्पणी है;

(ख) केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2008 के नियम 11 का ब्यौरा क्‍या है;

(ग) क्या माननीय उच्चतम न्यायालय ने दिनांक 14.3.2019 के अपने निर्णय में भारत संघ और अन्य के मामले में अपील संख्या 3052/2019 में केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2008 के नियम 11 के अंतर्गत एमएसीपी मामले में 4200 ग्रेड वेतन से 4600 ग्रेड वेतन में वेतन निर्धारण को न्यूनतम 18460 रुपये करने का निर्णय दिया है और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और इस पर सरकार की क्‍या प्रतिक्रिया है;

(घ) क्‍या एक समान/एक तरह के मामलों वाले कर्मचारी अपने वेतन निर्धारण के लिए आवेदन करने हेतु उक्त आदेश का उपयोग कर सकते हैं।पर भरोसा कर सकते हैं या उन्हें उसी बड़ी और अनावश्यक लंबी मुकदमेबाजी प्रक्रिया से गुज़रना पड़ेगा और यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है; और

(ड) क्‍या एक समान/एक तरह के मामलों वाले कर्मचारियों के लिए वेतन निर्धारण हेतु एक सामान्य आदेश आवश्यक है या उपर्युक्त आदेश की एक प्रति पर्याप्त है और यदि नहीं, तो इस संबंध में संबंधित विभागों के मार्गदर्शन हेतु मंत्रालय द्वारा सामान्य आदेश कब तक लाए जाएंगे?

उत्तर

वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री अनुराग सिंह ठाकुर)

(क): केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली, 2008 [सीसीएस (आरपी) नियमावली 2008] के नियम 13 के अनुसार एक ग्रेड वेतन से दूसरे ग्रेड वेतन में पदोन्‍नति के मामले में वेतन का निर्धारण वेतन बैंड में वेतन के योग के 3% के बराबर एक वेतनवृद्धि प्रदान करके किया जाएगा और किसी विशिष्ट पद के मौजूदा ग्रेड की गणना 10 के अगले गुणांक तक पूर्णांकित की जाएगी। इसे वेतन बैंड में मौजूदा वेतन में जोड़ा जाएगा। तत्पश्चात्‌ पदोन्‍नत पद तदनुरूपी ग्रेड वेतन, वेतन बैंड में वेतन के अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा।

एमएसीपी स्कीम के तहत वेतन निर्धारण का अलग से कोई तरीका न‍िर्धार‍ित नहीं किया गया है। नियमित पदोन्नति के समय वेतन निर्धारण का लाभ एमएसीपी स्कीम के तहत वित्तीय उन्‍नयन के समय भी दिया जाएगा। इसलिए, वेतन को वेतन बैंड में कुल वेतन और ऐसे उन्नयन से पहले आहरित ग्रेड वेतन में 3% तक बढ़ाया जाएगा। तथापि, यदि वेतन एमएसीपी स्कीम के तहत दिए गए ग्रेड वेतन में ही है तो नियमित पदोन्‍नति के समय दोबारा वेतन का निर्धारण नहीं किया जाएगा। तथापि, वास्तविक पदोन्‍नति के समय यदि यह निर्धारण एमएसीपी स्कीम के तहत उपलब्ध ग्रेड वेतन की तुलना में उच्चतर ग्रेड वाले वेतन वाले में होता है तो कोई वेतन निर्धारण नहीं होगा और केवल ग्रेड वेतन का अंतर ही प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, एमएसीपी में दिए गए ग्रेड वेतन से उच्चतर ग्रेड वेतन में पदोन्‍नति के मामले में, कर्मचारी के पास ऐसी नियमित पदोन्‍नति/गैर-कार्यात्मक वेतनमान प्रदान किए जाने की तारीख अथवा एमएसीपी के तहत प्रदत्त वेतन की अगली वेतनवृद्धि के प्रोदभवन की तारीख से ग्रेड वेतनों का अंतर आहरित करने का विकल्प होगा।

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(ख) केन्द्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन), नियमावली, 2008 के नियम 11 में यह प्रावधान है कि जहां कोई सरकारी कर्मचारी मोजूदा वेतनमान में अपना वेतन आहरित करना जारी रखता है और उसे जनवरी, 2006 की पहली तारीख के बाद संशोधित वेतन संरचना में रखा जाता है, तो संशोधित वेतन संरचना में बाद की तारीख से उसके वेतन का निर्धारण इस प्रकार किया जाएगा:-

वेतन-बैंड में वेतन का निर्धारण बाद की तारीख में लागू मूल वेतन, उस तारीख को लागू महंगाई भत्ते और 01.01.2006 को लागू दरों के आधार पर संशोधन-पूर्व महंगाई भत्ते को जोड़कर किया जाएगा। इस अंक को 10 के अगले गुणांक में पूर्णाकित किया जाएगा और तब यह लागू वेतन बैंड में वेतन होगा। इसके अतिरिक्त, संशोधन-पूर्व वेतनमान के तदनुरूपी ग्रेड वेतन देय होगा। जहां सरकारी कर्मचारी को विशेष वेतन या गैर-प्रैक्टिसिंग भत्ता प्राप्त होता है, वहां यथा-लागू नियम 70) (ख), (ग) या (घ) में निर्धारित प्रणाली का अनुपालन किया जाएगा, सिवाय इसके कि विचाराधीन मूल वेतन और महंगाई भत्ता उस तारीख को लागू मूल वेतन और महंगाई भत्ता होगा लेकिन महंगाई भत्ते की गणना 1.1.2006 को लागू दरों के आधार पर की जाएगी।

(ग): जी, नहीं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने वेतन का निर्धारण सीसीएस (आरपी) नियमावली, 2008 के नियम-11 के अनुसार किए जाने का निदेश दिया है।

(घ): संशोधित वेतन संरचना में वेतन निर्धारण के लिए कर्मचारियों के दावों का निपटान संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा, जहां अपेक्षित हो, वित्त मंत्रालय/व्यय विभाग के साथ परामर्श करके पूर्णतः: सीसीएस (आरपी) नियमावली, 2008 के अनुसार किया जाना होता है।

(ड.): भारत संघ एवं अन्य बनाम राज कुमार आनंद एवं अन्य मामले में सिविल अपील सं.3052/2019 में दिनांक 14.03.2019 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय केवल श्री राज कुमार आनंद एवं अन्य के मामले में वेतन निर्धारण के संबंध में ही है और यह सीसीएस (आरपी) नियमावली, 2008 के अनुरूप है। अत: इस मंत्रालय/विभाग द्वारा कोई सामान्य आदेश/कार्यालय ज्ञापन जारी किया जाना अपेक्षित नहीं है।

Source : Lok Sabha (Click here to view PDF in HINDI / ENGLISH)

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